
आजमगढ़, 15 अक्टूबर। कृषि विभाग की ओर से गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के सभाकक्ष में महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं 154 महिला कृषकों एवं उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, रबी फसलों की तैयारी और खेती के साथ अन्य रोजगार अपनाकर आय बढ़ाने के तरीके बताए गए। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ महिला किसानों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संयुक्त कृषि निदेशक, आजमगढ़ मंडल सुरेंद्र चंद्र चौधरी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरोज ने की। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को समसामयिक कृषि तकनीकों और रबी फसलों की तैयारी के संबंध में जानकारी दी। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय गोष्ठी भी आयोजित की गई।
प्रभारी उप कृषि निदेशक सदानंद चौधरी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनमें मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने महिला किसानों को सहफसली खेती अपनाने, खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण करने और पौधों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन और मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़कर तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संयुक्त कृषि निदेशक सुरेंद्र चंद्र चौधरी ने महिला किसानों से श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने श्री अन्न के पोषण संबंधी गुणों और खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी। कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए महिलाओं से उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने, खेती के विविधीकरण और स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक किया गया।
