
आजमगढ़ : हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास तथा 30-30 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया।अभियोजन कहानी के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी रविंद्र सिंह के लड़के की 12 अक्टूबर 2012 को सौदागर पुत्र रामदास देवरा जदीद तथा सागर पुत्र नरेश यादव निवासी सैदपुर अमानी थाना महाराजगंज ने हत्या कर दी थी। इस हत्या में एक आरोपी लक्ष्मण जेल से सुलह करने की धमकी दे रहा था। इसी रंजिश को लेकर 22 जनवरी 2016 को दिन में करीब 1:00 बजे सहदेवगंज बाजार के निकट रविंद्र सिंह के दूसरे लड़के विश्वजीत उर्फ संतोष सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी गई।मृतक विश्वजीत सिंह उर्फ संतोष के पिता रविंद्र सिंह ने इस घटना के लिए सागर तथा सौदागर और लक्ष्मण को नामजद करते हुए दो अन्य अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई ।पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी सोनू यादव उर्फ राकेश यादव निवासी मलह पुरवा थाना महाराजगंज बलवंत यादव निवासी जमालपुर काज़ी मोहन पुरवा थाना तहबरपुर तथा लक्ष्मण यादव के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान अदालत ने सौदागर यादव तथा सागर यादव को भी बतौर मुलजिम तलब किया।दौरान मुकदमा आरोपी लक्ष्मण यादव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी बलवंत यादव उर्फ वाले यादव तथा सोनू यादव उर्फ राकेश यादव को आजीवन कारावास तथा तीस तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में आरोपी सागर यादव तथा सौदागर यादव को दोष मुक्त कर दिया गया।