डीएम के निर्देश पर अवैध मेडिकल स्टोरों पर बड़ी कार्रवाई, कई दुकानें सीज, संयुक्त टीम की छापेमारी में एक्सपायर व प्रतिबंधित दवाएं बरामद, बिना लाइसेंस बिक्री पर सख्ती

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आजमगढ़: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर जनपद में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया गया। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुढ़नपुर, मेहनगर और सदर (जहानागंज) तहसीलों में औचक निरीक्षण कर कई मेडिकल स्टोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस दौरान बिना लाइसेंस दवा बिक्री, एक्सपायर और प्रतिबंधित दवाओं का भंडारण पाए जाने पर दुकानों को सीज कर दवाएं जब्त कर ली गईं।
छापेमारी से मचा हड़कंप, दुकानदार मौके से फरार
कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर मेडिकल स्टोर संचालक टीम को देखते ही दुकानें खुली छोड़कर फरार हो गए। टीम ने मौके पर मौजूद दवाओं की जांच कर उन्हें जब्त किया और संबंधित दुकानों को सील कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अवैध मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
बुढ़नपुर में तीन गुमटियां सीज
तहसील बुढ़नपुर में एसडीएम, सीओ और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की संयुक्त टीम ने 100 बेड अस्पताल अतरौलिया के पास स्थित तीन मेडिकल गुमटियों का निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही संचालक मौके से भाग निकले। गुमटियों में रखी दवाओं को एकत्र कर सील किया गया और आगे की कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार मिठुली यादव, अश्विनी गौड़ और राम लौट यादव द्वारा अवैध रूप से दवा बिक्री की जा रही थी।
मेहनगर में एक्सपायर दवाओं का बड़ा खुलासा
तहसील मेहनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अंकित मेडिकल स्टोर पर एक्सपायर और प्रतिबंधित दवाएं मिलीं, साथ ही कोई वैध अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके चलते दुकान को सीज कर दिया गया। नंदिनी मेडिकल हॉल में भी एक्सपायर दवा मिलने पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं गोला बाजार स्थित आयुष मेडिकल स्टोर से बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाएं मिलने पर उसे भी सीज कर दिया गया।
जहानागंज में बिना दस्तावेज दवाएं बरामद
तहसील सदर के जहानागंज क्षेत्र में संयुक्त टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया। यहां भी संचालक मौके से फरार हो गए। एक दुकान से लगभग 8234 रुपये मूल्य की 20 प्रकार की दवाएं बरामद हुईं, जिनके कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान का संचालन संजय यादव द्वारा किया जा रहा था।
बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान टीम ने दवा विक्रेताओं से लाइसेंस मांगा, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एलोपैथिक दवाओं का बिना लाइसेंस विक्रय, भंडारण या प्रदर्शन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 18 (सी) का उल्लंघन है, जो दंडनीय अपराध है।
पूरे जनपद में अभियान जारी रखने के निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी तहसीलों में लगातार अभियान चलाकर अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिना लाइसेंस दवा बिक्री या प्रतिबंधित/एक्सपायर दवाएं पाई जाएंगी, वहां तत्काल सीज की कार्रवाई करते हुए विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी और मामले न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
जनपद में बंद हुए अवैध मेडिकल स्टोर
इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही पूरे जनपद में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों के शटर धड़ाधड़ बंद हो गए। प्रशासन की इस पहल को जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हुए आम लोगों ने सराहना की है।

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