
आजमगढ़। सरस्वती शिशु मंदिर कोलपांडेय में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन कर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया।
इस अवसर पर हरिऔध साहित्य सेवा संस्थान की ओर से विद्यालय के शिक्षकों को उनके प्रशंसनीय शिक्षण कार्य के लिए सम्मानित किया गया। संस्थान के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवि पं. सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन, महामंत्री साहित्यकार संजय कुमार पांडेय सरस तथा आरएसएस के नगर प्रचार प्रमुख गिरीश सेठ ने विद्यालय की प्रधानाचार्य शीला सिंह के साथ शिक्षक राम अवतार श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, पूजा गुप्ता और आकांक्षा पांडेय को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कवि सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन और साहित्यकार संजय कुमार पांडेय सरस ने कहा कि देश का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम राष्ट्र चेतना, राष्ट्रीय गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के अवसर पर इसकी रचना की थी। आरएसएस के नगर प्रचार प्रमुख गिरीश सेठ ने भी वंदे मातरम के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला।
विद्यालय की प्रधानाचार्य शीला सिंह ने अतिथियों और संस्थान के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
