‘शकुंतला सिर्फ नारी नहीं, प्रकृति की बेटी है’भोजपुरी खंडकाव्य, ‘शकुंतला’ पर साहित्यिक संगोष्ठी एवं काव्य पाठ, सावन की कजरी और नारी शक्ति पर हुई चर्चा
आजमगढ़, 28 अगस्त। अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत एवं गौरवशाली पूर्वांचल के कोलघाट स्थित प्रधान कार्यालय में शुक्रवार को ‘शकुंतला का प्रकृति प्रेम, सावन की कजरी एवं नारी महत्व’ विषय पर साहित्यिक संगोष्ठी एवं काव्य पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्कृत के महाकवि कालिदास की अमर कृति ‘अभिज्ञान शाकुंतलम्’ पर आधारित भोजपुरी खंडकाव्य ‘शकुंतला’ […]
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