नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर संस्कार भारती की ओर से सांस्कृतिक व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां तमसा के तट पर डूबते हुये सूर्य को अर्घ दिया, घाट दीप से जगमग
आजमगढ़। नव संवत्सर 2083 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा कि पूर्व संध्या पर संस्कार भारती आजमगढ़ की ओर से सांस्कृतिक व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां तमसा के तट पर डूबते हुये सूर्य को अर्घ दिया गया। तत्पश्चात् 1008 दीपों से गौरीशंकर घाट दीप्तिमान हो उठा। इस दौरान पूर्व संध्या पर जहां अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को वैदिक […]
Continue Reading